Karak ki Paribhasha v unke bhed /(CASE)

कारक की परिभाषा व् उसके भेद-(CASE)

Karak ke Paribhasha v uske bhed / Case 41 views 26 Nov 2025

·     कारक की परिभाषा व् उसके भेद-(CASE)

जो शब्द कर्ता  और कर्म का सम्बन्ध  क्रिया के साथ  स्थापित  करते हैं ,  वे  कारक कहलाते हैं| कारक -चिह्नों को परसर्ग कहा जाता है| आप इन्हे सम्बन्ध वाचक अव्यय भी कह सकते हैं  जैसे- ने,को, से, आदि|  

कारक के भेद - ये आठ प्रकार के होते हैं –

कारक          परसर्ग

कर्ता -         ने (NOMINATIVE CASE)

कर्म-         को  (OBJECTIVE CASE)

करण -        से (INSTRUMENTAL C)

सम्प्रदान-   के लिए (DATIVE CASE)

अपादान-   से (अलग होने के अर्थ में )(ABLATIVE CASE)

सम्बन्ध-   का,की,के, रा,री, रे,आदि (POSSESSIVE CASE)

अधिकरण -में ,पर              (LOCATIVE CASE)

सम्बोधन - अरे I हो I अजीI  आदि (VOCATIVE CASE)

संस्कृत भाषा में सात या आठ विभक्तियाँ होती हैं इस लिए कारक भी सात या आठ माने जाते हैं |  क्योंकि प्रथमा विभक्ति और सम्बोधन विभक्ति एक जैसी होती हैं चूंकि हिंदी भाषा संस्कृत भाषा से ही निकली है , इस लिए हिंदी भाषा में सात या आठ कारक  माने जाते हैं|