Kriya (verb)

क्रिया

Kriya / Verb 71 views 25 Nov 2025

क्रिया  (verb)

क्रिया - जिन शब्दों से किसी कार्य के होने या करने का बोध होता है, उन्हें किया कहते हैं| जैसे-चलना, फिरना, उठना, बैठना, आदि | अर्थात जो कार्य हम सुबह से शाम तक करते हैं , वे सभी कार्य क्रिया कहलाते हैं |

क्रिया के भेद (types of verb)- क्रिया का वर्गीकरण दो आधार पर किया जाता है-

1. कर्म के आधार पर

2.   रचना के आधार पर

कर्म के आधार पर क्रिया के दो भेद होते हैं -

सकर्मक क्रिया (transitive) verb

अकर्मक क्रिया (intransitive verb)

सकर्मक क्रिया-(transitive verb )जिन क्रिया शब्दों में कार्य का फल कर्म पर पड़ता है, उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं| जैसे-


I सीता पुस्तक पढ़ती है|

Ii रसिका गीत गाती है|


पहचान- इन वाक्यों में क्रिया में 'क्या' लगाने पर उत्तर मिलता है|

इस क्रिया के भी दो भेद हैं -


पूर्ण सकर्मक क्रिया

अपूर्ण सकर्मक  क्रिया


पूर्ण सकर्मक क्रिया - इसमें एक या दो कर्म  होते हैं  इस प्रकार इसके भी दो  भेद होते है -एक कर्मक क्रिया और द्वि कर्मक क्रिया  जैसे-


I मोहन पुस्तक पढ़ता है| ((यहाँ पर एक कर्म है)

Ii मोहन सोहन के साथ पुस्तक पढ़ता  है| (यहाँ पर दो कर्म हैं)

III रमा गाय को घास खिला रही है|(यहाँ पर दो कर्म हैं)

iv   राधा ने मैडम को गीत सुनाया| (यहाँ पर दो कर्म हैं)


 

 

अकर्मक क्रिया (intransitive verb)- जिन वाक्यों में कोई कर्म नहीं होता और जहाँ पर क्रिया का प्रभाव सीधे करता पर पड़ता है, वहां पर अकर्मक क्रिया होती है इसके भी दो भेद होते हैं-  पूर्ण अकर्मक क्रिया और अपूर्ण अकर्मक क्रिया जैसे -


राम गया|    (पूर्ण अकर्मक क्रिया)

सुप्रिया सो रही है|( पूर्ण अकर्मक क्रिया)

पक्षी आकाश में उड़ रहे हैं|( पूर्ण अकर्मक क्रिया)

राम बीमार है| (अपूर्ण अकर्मक क्रिया)

सोहन  पढ़ाकू लगा|  (अपूर्ण अकर्मक क्रिया)

वे ईमानदार लगे| (अपूर्ण अकर्मक क्रिया)


 यहाँ बीमार, पढ़ाकू,  ईमानदार  आदि शब्दों के विना ये वाक्य अपूर्ण लगेंगे जबकि ये शब्द कर्म नहीं हैं|

अकर्मक से सकर्मक क्रिया बनाना -


मुड़ना से मोड़ना

जुड़ना से जोड़ना

खुलना से खोलना

कूदना से कुदाना

गिरना से गिराना

हँसना  से हँसाना


पहचान- इसकी सबसे बड़ी पहचान ये है कि  जब क्रिया में  'क्या' लगाने पर उत्तर मिल जाए तो वहां पर सकर्मक क्रिया होती है| यदि नहीं तो वहाँ  पर अकर्मक क्रिया होगी|

रचना के आधार पर क्रिया के भेद-

1.  मुख्य क्रिया  (main verb)

2. संयुक्त क्रिया (compound verb)

3. नाम धातु क्रिया (nominal verb)

4. प्रेरणार्थक क्रिया (causal verb)

5. पूर्वकालिक क्रिया (Absolutive verb)

1.  मुख्य क्रिया - जब वाक्य में एक ही क्रिया से अर्थ स्पष्ट हो जाए तो उसे मुख्य क्रिया कहते हैं जैसे-

I राम गया|

Ii सीता ने पढ़ा|

संयुक्त क्रिया-जब वाक्य में दो क्रिया हों जैसे-

राम चला गया|

सीता पढ़ाई कर चुकी|

नाम धातु क्रिया -नाम का अर्थ है-संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, अव्यय| इन शब्दों से जो क्रिया बनती है, वह नाम धातु क्रिया कहलाती है जैसे-

संज्ञा शब्द या पदों  से नाम धातु क्रिया बनाना -


शरम  से शरमाना

चमक से चमकाना

रंग से रंगना

धिक्कार से धिक्कारना

महक से महकाना

फिल्म से फिल्माना

ठग से ठगना

दुःख से दुखाना


सर्वनाम पदों से नामधातु क्रिया बनाना-

अपना से अपनाना

विशेषण पदों  से नाम धातु क्रिया बनाना -


साठ  से सठियाना

चिकना से चिकनाना

मोटा से मुटियाना

लंगड़ा से लंगड़ाना

दोहरा से दोहराना

तोतला  से तुतलाना


अव्यय  पदों  से नाम धातु क्रिया बनाना -


हिन्-हिन्  से हिनहिनाना

थर -थर से थरथराना

बड़ -बड़ से बड़बड़ाना

गड-गड से गड़गड़ाना

भिन -भिन  से भिनभिनाना

भड़ -भड़ से भड़भड़ाना


 

 

 

 

प्रेरणार्थक क्रिया -ये भी दो प्रकार की  होती हैं  - प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया और द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया


प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया-

दादा जी चाय पिलाते हैं|

राम पत्र लिखाता  है|

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