Sarvnaam / Pronoun

सर्वनाम

Sarvnaam (Pronoun) 55 views 25 Nov 2025

                                     सर्वनाम

सर्वनाम- जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त किये जाते है उन्हें सर्वनाम कहते हैं जैसे- मैं ,हम , तुम, उसका, उसकी, वे, वह, तुम्हारा ,तुम्हारी,आदि |

विशेषताएं -

सर्वनाम का प्रयोग संज्ञा के साथ ही सही ढंग से हो पाता है अन्यथा वे अपना अर्थ सही से व्यक्त नहीं कर पाते हैं जैसे -राम ने कहा कि वह घूमने जा रहा|

 सर्वनाम का प्रयोग वाक्य  के अर्थ को बल देने के लिए भी किया जाता है जैसे-

 तुम ही को दिल्ली जाना है|

ये विकारी शब्द होते है इसलिए इन  पर लिंग वचन का प्रभाव पड़ता है जैसे-

वह पढ़  रहा है |

वह  पढ़ रही है |

सर्वनाम के भेद -ये छह प्रकार के होते हैं |


1. पुरुष वाचक सर्वनाम

2. निश्चय वाचक सर्वनाम

3. अनिश्चय वाचक सर्वनाम

4. प्रश्न वाचक सर्वनाम

5. सम्बन्ध सर्वनाम

6. निज वाचक सर्वनाम


1. पुरुष वाचक सर्वनाम-ये  तीन प्रकार के होते  हैं –

i उत्तम पुरुष -मैं, मेरा, मेरी, हम, हमारी, हम, सब

ii मध्यम पुरुष - तुम, तुम दोनों, तुम सब, तुम्हारा, तुम्हारी, आप, आप सब 

 iii अन्य पुरुष - वह, वह दोनों, वे सब, वे उनके, उनकी   

निश्चय वाचक सर्वनाम- इस सर्वनाम से निश्चित व्यक्ति या वस्तु  की ओर  संकेत मिलता है जैसे -

 I यह तो मेरी पेंसिल है

ii वे तो मेरी पुस्तक ले गए| 

 iiiउपहार उसके लिए ही मंगाया है|

अनिश्चय वाचक सर्वनाम-इसमें कुछ भी निश्चित नहीं होता है जैसे -

I जल में कुछ तैर रहा है|

Ii कमरे में कोई है|

प्रश्न वाचक सर्वनाम -इसमें क्या, कैसे, कितना  कौन, कहाँ आदि प्रश्न वाचक  शब्दों को लगाया जाता है जैसे-

I तुम्हारा क्या नाम है?

Ii कौन आया है?

 तुम कहाँ के रहने वाले हो ?

सम्बन्ध वाचक सर्वनाम -जिस सर्वनाम के द्वारा उप वाक्य में सम्बन्ध स्थापित किया जाता है उसे सम्बन्ध वाचक सर्वनाम कहते हैं जैसे-

I जो जैसा करेगा वह वैसा भरेगा|

iiयह वही लड़का है जिसने मेरी सहायता की थी|

निज वाचक सर्वनाम-जिस सर्वनाम से अपनेपन का बोध होता है उसे निज वाचक सर्वनाम कहते हैं जैसे-

I मैं अपने आप खा लुँगा|

ii हम स्वयं अपना काम कर लेंगे|

 संयुक्त  सर्वनाम- कभी - कभी दो सर्वनामों का भी प्रयोग होता है जैसे-

 I उसे तो जो कोई भी मिला, उसने ही उसका शोषण किया|

आज कल मेरे को ,तुम्हारे को,  तेरे को, आदि शब्दों का प्रचलन हो गया है ये गलत है इसके स्थान पर मुझे, तुमको  या तुम्हें आदि सर्व नामों का प्रयोग करना चाहिए|    

 

 

अभ्यास कार्य –

निम्नलिखित मोटे-मोटे लिखे हुए सर्व नामों के भेद लिखिए -

1.  हमने तो उसे खुश होते कभी नहीं देखा|

2.कुछ लोग तो गधों को भी श्रेष्ठ कहते हैं|

 3.तुमने जो कुछ भी खिलाया हमने सर झुका कर खा लिया|

4.देखूँ कैसे ले जाता है?

 5.पुराना सामान किसी न किसी के काम आ जाता है|

6.आप स्वयं ही जाकर देख लीजिये|

7.एक नवीन जीवन शैली अपना वर्चस्व स्थापित कर रही है|

8.वह बहुत धीमे बोलता है|

9.उनका यों चले जाना हमें अच्छा नहीं लगा|  

10.आज किस - किस के आने की उम्मीद है?

सार्वनामिक विशेषण-  ऐसे सर्वनाम शब्द जो संज्ञा से पहले लगकर उस संज्ञा शब्द की विशेषण की तरह विशेषता बताते हैं, वे शब्द सार्वनामिक विशेषण कहलाते हैं। यह शब्द सर्वनाम के लिए विशेषण का काम करते हैं। जैसे: मेरी पुस्तक , कोई बालक , किसी का महल , वह लड़का , वह बालक , वह पुस्तक , वह आदमी , वह लडकी आदि।