Vishnu Ji Ki Aarti
श्री हरि विष्णु जी की आरती
Vishnu ji ki aarti
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23 Nov 2025
ॐ जय जगदीश हरे,
प्रभु! जय जगदीश हरे।
भक्तजनों के संकट, छन
में दूर करे॥ ॐ
जय जगदीश हरे
जो ध्यावै फल पावै, दु:ख बिनसै मनका।
सुख सम्पत्ति घर आवै, कष्ट
मिटै तनका॥ ॐ जय जगदीश
हरे
मात-पिता तुम मेरे,
शरण गहूँ किसकी।
तुम बिन और न
दूजा, आस करूँ जिसकी॥
ॐ जय जगदीश हरे
तुम पूरन परमात्मा, तुम
अंतर्यामी।
पार ब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥
ॐ जय जगदीश हरे
तुम करुणा के सागर, तुम
पालनकर्ता।
मैं मुरख खल कामी,
कृपा करो भर्ता॥ ॐ
जय जगदीश हरे
तुम हो एक अगोचर,
सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूँ दयामय,
तुमको मैं कुमती॥ ॐ
जय जगदीश हरे
दीनबन्धु, दु:खहर्ता तुम
ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार
पडा तेरे॥ ॐ जय जगदीश
हरे
विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढाओ, संतन की सेवा॥
ॐ जय जगदीश हरे